दलित अधिकार कार्यकर्ता और हरियाणा के मशहूर वकील रजत कलसन को भारतीय त्रिरत्न अवार्ड से किया गया सम्मानित

October 10, 2024 | By Maati Maajra
दलित अधिकार कार्यकर्ता और हरियाणा के मशहूर वकील रजत कलसन को भारतीय त्रिरत्न अवार्ड से किया गया सम्मानित

हरियाणा के चर्चित दलित अधिकार कार्यकर्ता और प्रतिष्ठित वकील, रजत कलसन, को भारतीय त्रिरत्न अवार्ड से सम्मानित किया गया। रजत कलसन का जीवन संघर्ष और समाज सुधार का एक ऐसा प्रेरणादायक उदाहरण है, जो दिखाता है कि किस प्रकार एक व्यक्ति समाज में हो रहे अत्याचारों के खिलाफ खड़ा हो सकता है।

दिल्ली में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान हरियाणा के चर्चित दलित अधिकार कार्यकर्ता और प्रतिष्ठित वकील, रजत कलसन, को भारतीय त्रिरत्न अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें उनके दशकों से जारी समाज सेवा, संवैधानिक अधिकारों की रक्षा, और दलित समाज के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ की गई उनकी अटूट लड़ाई के लिए दिया गया है। समता बुद्ध विहार, पश्चिम पुरी, नई दिल्ली में 2285वें अशोक विजयदशमी समारोह के अवसर पर समता बौद्ध विहार प्रबंधक संघ ने रजत कलसन को यह सम्मान प्रदान किया।

रजत कलसन का जीवन संघर्ष और समाज सुधार का एक ऐसा प्रेरणादायक उदाहरण है, जो दिखाता है कि किस प्रकार एक व्यक्ति समाज में हो रहे अत्याचारों के खिलाफ खड़ा हो सकता है। पिछले 15 सालों से, रजत कलसन दलित समाज के साथ हो रहे अत्याचार और हिंसा के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। उनके द्वारा सैकड़ों मुकदमे लड़े गए हैं, जिनमें उन्होंने दलित समाज की ओर से अदालत में मजबूत पैरवी की है। उनकी कानूनी लड़ाइयों के परिणामस्वरूप अनेक जातिवादी अपराधियों को जेल भेजा गया है, और इसके साथ ही उन्होंने संवैधानिक और कानूनी जागरूक

मिर्चपुर कांड: संघर्ष की मिसाल

रजत कलसन के संघर्ष की सबसे प्रमुख घटनाओं में से एक हरियाणा के मिर्चपुर कांड से जुड़ी है। इस मामले में दलित समाज के लोगों के साथ भयानक अत्याचार हुआ था, जब गांव में दबंगों ने एक दलित परिवार के घर पर हमला कर आग लगा दी, जिसमें एक विकलांग लड़की और उसके पिता की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था, और रजत कलसन ने इस मामले में न केवल पीड़ितों की ओर से न्याय के लिए लड़ाई लड़ी, बल्कि समाज में व्याप्त जातिगत अत्याचारों के खिलाफ जागरूकता भी फैलाई। उनकी पैरवी के चलते इस मामले में दोषियों को कड़ी सजा मिली, जो दलित समाज के लिए न्याय की एक महत्वपूर्ण जीत मानी जाती है।

दलित टाइम्स से बोले एडवोकेट रजत कलसन :

दलित अधिकार कार्यकर्ता रजत कलसन ने दलित टाइम्स को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि जातिवाद आज भी समाज में गहराई से फैला हुआ है और छुआछूत जैसी प्रथाएं अब भी जारी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि दलितों के खिलाफ अत्याचार में कोई कमी नहीं आई है, और समाज में समानता की बातें अभी भी अधूरी हैं।

इसके अलावा, रजत ने कांग्रेस पार्टी की भी आलोचना की, यह आरोप लगाते हुए कि वह दलित मुद्दों पर ठोस कदम नहीं उठा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जैसी प्रमुख राजनीतिक पार्टियों ने दलितों की समस्याओं को हल करने के लिए सही दिशा में काम नहीं किया, जिससे सामाजिक अन्याय अब भी जारी है।

भारतीय त्रिरत्न अवार्ड से सम्मानित :

समता बौद्ध विहार प्रबंधक संघ के सचिव सुधीर भास्कर ने बताया कि अधिवक्ता रजत कलसन को यह सम्मान विशेष रूप से पिछले 15 सालों में दलित समाज के हक की लड़ाई में उनके द्वारा किए गए महत्वपूर्ण कार्यों के लिए दिया गया है। सुधीर भास्कर ने कहा, “रजत कलसन ने दलित समाज के खिलाफ होने वाले अत्याचारों के मामलों में दृढ़ता से पैरवी की है और जातिवादी गुंडों को जेल भेजने का काम किया है। इसके साथ ही उन्होंने समाज में संवैधानिक और कानूनी जागरूकता फैलाने का भी महत्वपूर्ण कार्य किया है। उनके संघर्ष से दलित समाज में जागरूकता और साहस का संचार हुआ है।”

यह सम्मान केवल रजत कलसन के लिए ही नहीं, बल्कि उन सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो सामाजिक अन्याय के खिलाफ खड़े होने का साहस रखते हैं।

सम्मानित की गयीं अन्य हस्तियां :

रजत कलसन के साथ, अन्य पांच प्रमुख व्यक्तित्वों को भी भारतीय त्रिरत्न अवार्ड से सम्मानित किया गया। इनमें प्रोफेसर डॉ. राजकुमार, सामाजिक और राजनीतिक विद्वान; सुमित चौहान, धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक विश्लेषक; रतनलाल केन, आरटीआई के माध्यम से बहुजन समाज के सम्मान और हितों की रक्षा करने वाले; उम्मेद सिंह गौतम, राष्ट्रीय कमांडर समता सैनिक दल; और करुणाशील रौशन, जिन्होंने महापुरुषों की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया है, शामिल हैं।

सम्मान समारोह में ये लोग रहे मौजूद :

इस सम्मान समारोह में कई प्रमुख व्यक्तित्व भी उपस्थित थे। वरिष्ठ अधिवक्ता रिखीराम, अधिवक्ता दीपक सैनीपुरा, सामाजिक कार्यकर्ता विकास भाटला, और सचिन चोपड़ा जैसी हस्तियों ने इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। रजत कलसन ने इस अवसर पर समता बुद्ध विहार की प्रबंधक समिति के अध्यक्ष आर.पी. राम, सचिव सुधीर भास्कर, उपाध्यक्ष गोवर्धन दास, कोषाध्यक्ष देवेंद्र आर्य, और विश्वबंधु का आभार व्यक्त किया।

एडवोकेट रजत कलसन की भविष्य की दिशा

रजत कलसन का यह सम्मान उनकी अब तक की उपलब्धियों का एक परिचायक है, लेकिन उनके संघर्ष की यह कहानी यहीं खत्म नहीं होती। उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि वे आगे भी दलित समाज के अधिकारों के लिए लड़ते रहेंगे और समाज में समानता और न्याय की स्थापना के लिए काम करते रहेंगे। उनका मानना है कि जब तक समाज में जातिगत भेदभाव और अत्याचार समाप्त नहीं होते, तब तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी।

रजत कलसन जैसे व्यक्तित्वों का संघर्ष और समर्पण समाज के लिए एक मिसाल है, और उनकी यह यात्रा बताती है कि अगर संकल्प मजबूत हो, तो एक व्यक्ति भी सामाजिक बदलाव की लहर पैदा कर सकता है। भारतीय त्रिरत्न अवार्ड से सम्मानित होना रजत कलसन के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन उनके लिए यह केवल एक पड़ाव है—उनकी असली मंजिल सामाजिक न्याय की पूर्ण स्थापना है।

(Dalit Times)